09 November 2025

कैरियर का चयन 5 लोगों की सलाह पर किया जाए

रुचि के अनुसार कैरियर का चुनाव सबसे बेहतर – डॉ. अजीत वरवंडकर 

बिलासपुर, 9नवंबर 2025/ विद्यार्थियों को कैरियर चयन करने के लिए 5 लोगों से बात करनी चाहिए। स्कूल में क्लास टीचर, कैरियर काऊंसिलर, घर के बुजुर्ग, क्षेत्र के अनुभवी व विशेषज्ञ और  ऐसे व्यक्ति जो उस क्षेत्र में बरसों से कार्य करते हुए भी नाखुश है। यब बातें छत्तीसगढ़ के जाने माने कैरियर काऊंसिलर अजीत वरवंडकर ने कही। वे आज बिलासपुर के आईएमए हॉल में आयोजित सिक्ख पंजाबी विद्यार्थियों के लिए आयोजित कैरियर कांऊसिलिंग सेमिनार में विद्र्यार्थियों और उनके पालकों को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सिक्ख आफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन व कोलंबिया ग्रुप आफ इस्टीट्यूशन्स रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस अवसर पर एसोसियेशन के संयोजक जी.एस. बाम्बरा, बिलासपुर संभाग के संयोजक डा. बी.एस. चावला, एसोसियेशन के अध्यक्ष एच.एस. धींगरा, अध्यक्ष एजुकेशन कमेटी प्रो. (डा.) बी.एस. छाबड़ा, कार्यक्रम के सम्नवयक डॉ. किरणपाल सिंह चावला, एसोसियेशन के सचिव सरदार बी.एस. सलूजा तथा कोलंबिया ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूशन्स, रायपुर के आशीष जॉन भी उपस्थित थे।

 



रुचि के अनुसार कैरियर का चुनाव करें

कैरियर निर्माण के क्षेत्र में कई वर्षे से कार्यरत अजीत वरवंडकर ने विद्यर्थियों के साथ ही उनके पालकों को कहा कि वे अपने बच्चों की रुचि के अनुसार उनके कैरियर निर्माण की दिशा में लगातार उनका मार्गदर्शन करे। कैरियर चुनाव में भविष्य के 10 सालों के बाद कैरियर कैसा होगा इस बारे में भी आंकलन और चिंतन करना चाहिए और विशेषज्ञों की राय भी लेना चाहिए। डॉ वरवंडकर ने उपस्थित पालको से कहा कि उन्हें छठवीं कक्षा से ही बच्चों के कैरियक के प्रति सजग हो जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गणित विषय भले ही बच्चों को कठिन लगता है पर यह एक आसान  विषय है। यदि बच्चा गणित में कमजोर है तो उसके गणित के ज्ञान के बेहतर करने के लिए किसी अच्छे शिक्षक की मदद लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कैरियर का चुनाव करते समय विद्यार्थियों को  स्वयं से बार बार यह पूछना चाहिए  कि वे आखिर यही विषय क्यों लें।       

 

वर्तमान में 20% विधिवत शिक्षाऔर 80 % रुचि आधारित कैरियर 

उन्होंने कहा वर्तमान में कैरियर निर्माण की मख्य रुप से दो दिशाएं है। पहला शिक्षा प्रप्त कर उसी क्षेत्र में कार्य किया जाए दूसरा प्रतिभा आधारित कैरियर। एक अध्ययन के अनुसार 20 प्रतिशत विद्यार्थी विधिवद शित्रा के आधार पर कैरियर बना रहे हैं तो वहीं 80 प्रतिशत विद्यार्थी अपनी रुचि और कौशल विकसित कर अपना कैरियर का निर्माण करते हैं। उन्होंने इसके कई उदाहरण दिए। इसमें उन्होंने फिल्मों के कलाकारों के संबंध में बताते हुए कहा कि कई फिल्म कलाकार ऐसे हैं जो काम तो फिल्मों में कर रहे है पर उनकी विधिवत शिक्षा किसी अन्य विषय़ में है।

 

 जीवन की सफलता का सूत्र - बेहतर संवाद

डा. वरवंडकर ने कहा कि जीवन की सफलता के सबसे बड़ा सूत्र है कि आप दूसरों से कैसे संवाद करते हैं। संवाद के दौरान विषय की अच्छी जानकारी हो, आवाज और कथन स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हिन्दी के साथ ही  राष्ट्रीय स्तर का एक अंग्रेजी समाचार पत्र भी जरूर पढ़ना चाहिए। सफलता पाने के बारे में उनका कहना था कि कोई भी कार्य बड़ी शिद्दत के साथ करना चाहिए तभी सफलता मिलती है।

 

घर में मोबाईल बास्केट का उपयोग हो

मोबाईल के साथ सोशल मीडिया पर  घंटों समय बीताने की आदत के संबंध में डॉ. वरवंडकर ने कहा कि आज का दौर एक ऐसा समय है जब मोबाईल फोन हमारी आवश्यकता बन गया है। ऐसे समय में  हम स्वयं के साथ ही बच्चों को मोबाईवल से दूर तो नहीं रख सकते पर हमें मोबाईल उपयोग के लिए अनुशासित होना ही पड़ेगा। इस हेतु उन्होंने कहा पालक और बच्चों को खाने खाते के समय अपना मोबाईल के बास्केट / टोकरी में रख देना चाहिए ताकि वे पूरे इत्मिनान से भोजन कर सके।

इस सेमिनार में एसोसियेशन के संयोजक जी.एस. बाम्बरा, ने छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन व्दारा सरबत दा भला के उद्देश्य से चिकित्सा, शिक्षा व पारिवारिक परामर्श की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। एजुकेशन कमेटी के चेयरमैन प्रो (डा) .बी.एस. छाबड़ा ने आयोजन के संबध में कहा कि यहां आए पालकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों इच्छा के अनुरुप उनका मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन करते रहें। सेमिनार में दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेट. जेवियर स्कूल, अरपा वैली स्कूल, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, एचएसएम ग्लोबल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी ने भाग लिया।







कैरियर के विषय का चयन रुचि के अनुसार करें - अजीत वरवंडकर

कक्षा 6वीं कैरियर चयन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय

रोजगार के 5000 अवसर पर लोगों कों 7 विषयों की जानकारी

कैरियर को हमेशा सॉफटवेयर की तरह अपडेट करते रहें

 

 भिलाईनगर, 14 सिंतबर 2025/ सिक्ख व पंजाबी विद्यार्थियों के लिए आयोजित कैरियर काऊंसिंलिग कार्यशाला में कैरियर सलाहकार डॉ अजीत वरवंडकर ने कहा है कि विद्यार्थियों के कैरियर चयन के लिए कक्षा 6वी का समय सर्वश्रेँष्ठ समय है। विद्यार्थियों को अच्छे अंक तभी मिलते है जब उनकी विषय के प्रति रुचि हो। वे आज सिक्ख व पंजाबी विद्यार्थियों के लिए कैरियर काऊंसिलिग कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन और कोलंबिया ग्रुप्स ऑफ इस्टीट्रयूशन्स क संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इसमें एसोसियेशन के संयोजक जे.एस.बॉम्बरा, अध्यक्ष एच.एस. धींगरा, सचिव बी.एस. सलूजा एजुकेशन समिति के चेयरमैन प्रो. (डॉ) बी.एस. छाबड़ा, दुर्ग के समन्यवक सी.एस. बाजवा और कोलंबिया ग्रुप्स ऑफ इस्टीट्यूशन के सचिव हरजीत सिंह हुरा उपस्थित थे।

     

 प्रगति भवन, सिविक सेन्टर में डॉ. वरवंडकर ने आगे कहा कि विद्यार्थी जो भी काम करते हैं वे उसे शिद्दत से करें। साथ ही रोजगार के दौरान अपने कैरियर को एक सॉफट्वेयर की तरह से अपडेट करते रहें । इसका उन्हें भविष्य में काफी लाभ होगा।  भविष्य के रोजगार के लिए विषय का चयन करने के बारे में उन्होंने कहा कि कोई भी विषय बुरा नहीं होता वरन हर विषय कैरियर को आगे ले जाता है। सभी विषयों में रोजगार की अच्छी संभावना होती है। यह जरूरी नहीं है कि गणित भौतकी और रसायन विषय़ ही लिया जाए। अन्य विषयों को ले कर भी रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं। जीवन में गणित विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यार्थी किसी भी विषय़ में अध्ययन करें पर उनका गणित का ज्ञान काफी अच्छा होना चाहिए। यह जीवन के हर हमेशा काम आता रहता है। उन्होंने कार्यशाला में शामिल खालसा पब्लिक स्कूल डोंगरगढ़ की प्राचार्य श्रीमती सुप्रीत कौर धालीवाल से आग्रह किया कि वे अपने स्कूल में भी गणित की पढ़ाई पर शुरु से ही जोर दे।


डॉ. वरवंडकर ने एक शोध के अध्ययन के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि हर 10 सालों में नई तकनीकों के आने के कारण लगभग 65 प्रतिशत पाठ्यक्रमों के विकल्प रोजगार के लिए खत्म हो जाते है। उन्होंने कहा कि लोग मकान खरीदने के लिए 6 माह, मोटरसायकल खरीदने के ले 30 दिन, मोबाईल खऱीदने के लिए 6 घंटे तक का समय लेते हैं। वहीं कैरियर के मामले में लोगों ने साढ़े 4 घंटे में यह तय कर लिया कि उन्हें क्या विषय लेना है, यह उचित नहीं है। बेहतर कैरियर निर्माण के लिए विद्यार्थियों व उनके पालकों को आनन – फानन या दूसरों को देखा देखी निर्णय नहीं लेना चाहिए वरन इसके लिए विद्यार्थी की रुचियों के अनुसार सोच समझ कर निर्णय लेना चाहिए। एक बार कैरियर हेतु विषय का चयन कर लेने के बाद फिर लक्ष्य बना कर पढ़ाई करना चाहिए।


इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार 93 प्रतिशत विद्यार्थी और उनके पालकों को सिर्फ 7 विषयों के रोजगार वाले कैरियर की जानकारी है, जबकि भारत में ही 5000 से भी ज्यादा रोजगार वाले कैरियर हैं। डॉय वरवंडकर के अनुसार कम्प्यूटर क्रांति के कारण आई नई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की तकनीक के अंतर्गत एआई, जेमिनी, गूगल चैटबाक्स की तकनीक ने सभी क्षेत्रों में हलचल मचा दी है।


कैरियर के लिए रोजगार के बारे में डॉ. वरवंडकर ने बताया कि इससे समाज में सम्मान, प्रसिध्दि,पैसा,जीवन में संतोष और शांति, सुरक्षा और स्थायित्व, खुशी और आनंद मिलता है। इस कारण कैरियर एक महत्वपूर्ण विषय है। जिसका सही चयन किया जाना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि कैरियर निर्माण के लिए एक मुख्य विषय के साथ ही एक दूसरा विकल्प बी प्लान रखना चाहिए। ताकि यदि किसी कारण से सफलता न मिले तो प्लान बी के अनुसार कार्य किया जा सके। इसी प्रकार से विद्यार्थियों को 11वीं में एक अतिरिक्त विषय लेना चाहिए। जो उनकी रुचि का विषय हो, इसके कई फायदे मिलते हैं। बेहतर भविष्य के लिए विद्यार्थियों को सही शिक्षा के साथ सही कैरियर मार्दर्शन मिलना चाहिए। वर्तमान में शिक्षा की विधाएं विषय और कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होने के कारण यह विद्यार्थियों के लिए एक स्वर्ण युग है। विद्यराथियों को जिस दिशा में नहीं जाना है उन्हें उस क्षेत्र में पढ़ाई नहीं करना चाहिए। 


इस अवसर पर युवा कैरियर सलाहकार नवदीप कौर छाबड़ा ने भी कामर्स और मैनेजमैंट विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मैनेजमेंट के लिए 10 विषयों में अध्ययन की सुविधा है जबकि बड़े शहरों में नये विषयों सहित कुल 20 विषयों में एमबीए किया जा सकता है। कोलंबिया ग्रुप ऑफ इंस्टीयूशन रायपुर व्दारा विभिन्न विषयों को पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई।


इस अवसर पर गुरुनानाक स्कूल भिलाईनगर के अध्यक्ष निर्मल सिंह संधावा, खालसा पब्लिक स्कूल डोंगरगढ़ की प्राचार्य श्रीमती शिवप्रीत कौर धालीवाल, शिक्षिका श्रीमती अमित कौर, भिलाई इस्पात के अधिकारी परमिन्दर सिंह, श्री बंछोर, छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन के जगदीश सिंह, तेजपाल सिंह हंसपाल, श्रीमती रविन्दर बॉम्बरा, श्रीमती कमलेश चावला, देविन्दर कौर हंसपाल उपस्थित थीं।